भगवान श्री कृष्ण को कंस ने मारने के कई प्रयत्न किए। वह तरह तरह के दैत्यों को उनका अंत करने के लिए भेजता था और श्री कृष्ण जी उन सभी का खेल खेल में अंत कर देते थे। तब कंस एक भयानक दैत्य बकासुर को श्री कृष्ण का अंत करने के लिए भेजते है। आज के इस लेख में हम जानेंगे की श्री कृष्ण ने कैसे किया बकासुर का वध और क्या है बकासुर की कहानी ।आप यह sanatanishailendra.blogspot.com पर पढ़ रहे है।
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| बकासुर की कहानी |
बकासुर कौन था?
आप सभी ने बकासुर के बारे में सुना होगा किंतु क्या आप सभी को पता है, की बकासुर पिछले जन्म में कौन था? एक पौराणिक कथा के अनुसार बकासुर पिछले जन्म में एक गंधर्व था। जो भगवान विष्णु जी का भक्त भी था वह नित्य ही भगवान विष्णु जी पूजा करता और उन्हें कमल अर्पित करता था, जिसके बाद ही जल ग्रहण करता था। एक बार वह भगवान विष्णु जी को कमल चढ़ाने के लिए मां पार्वती के सरोवर से कमल तोड़ लेते है। शिव गण उन्हे कमल चुराते हुए पकड़ लेते है और शिव जी के पास ले जाते है तब शिव जी उन्हे बताते है की कमल चुराने के कारण उन्हें राक्षस योनि में जन्म लेने का श्राप लगा है। तब वह कहता है की उसे यह ज्ञात नही था की यह सरोवर मां पार्वती के द्वारा रक्षित है वह भगवान विष्णु की पूजा के लिए लेने आया था। यह सुनकर महादेव कहते है की विष्णु जी के भक्त मुझे भी अति प्रिय है इसलिए तुम द्वापरयुग में जन्म लोगो और भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण के हाथों ही तुम्हे मुक्ति मिलेगी।श्री कृष्ण ने कैसे किया बकासुर का वध
एक बार कंस ने श्री कृष्ण को मारने के लिए बकासुर को भेजा था। बकासुर कंस का बहुत ही घनिष्ठ मित्र और एक मायावी असुर था। जो एक विशाल काय बगुले के रूप में होता है। जब श्रीकृष्ण अपने मित्रो के साथ गाय चारा थे तब देखते है की एक विशालकाय बगुला उनकी ओर बढ़ा आ रहा है, उसे देख सभी ग्वाल बाल घबरा गए। श्री कृष्ण ने बकासुर को यमुना किनारे रोक लिया वह नही चाहते थे की बकासुर किसी गायों को कोई नुकसान पहुंचाए। बकासुर श्री कृष्ण को देखते ही उनपे हमला कर देता है और उन्हें निगल लेता है लेकिन उनके तेज के कारण उसके शरीर में जलन होने लगती है जिस कारण वह कृष्ण जी को बाहर निकालता है और फिर उसने अपनी चोंच से उन्हे दबा कर मारना चाहा किंतु श्री कृष्ण ने उसकी चोंच को पकड़ कर उसे चीर देते है और बकासुर का वध कर देते है।![]() |
| Sri Krishna image |
Q. बकासुर कौन था?
Ans. बकासुर एक मायावी विशाल काय बगुले के रूप में एक असुर था। वह पिछले जन्म में एक गंधर्व होता है।
Q. बकासुर राक्षस कैसे बना?
Ans. वह महादेव के श्राप के कारण एक असुर बन जाता है।

