नमस्कार मित्रो! आज के इस लेख में हम दिवाली के कुछ अद्भुत रहस्यो के बारे जानेंगे। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों होती हैं? आइए जानते है।
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| दिवाली के कुछ अद्भुत रहस्य |
दिवाली में मां लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है?
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है, बहुत से लोगो के मन में सवाल आता होगा, यदि दिवाली श्री राम जी के वनवास से वापस लौटने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है तो उस दिन मां लक्ष्मी जी की पूजा क्यों होती है? यह कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है, जब समुद्र मंथन हो रहा था इस मंथन में 14 रत्न निकले थे इसी मंथन से मां लक्ष्मी भी प्रकट होती है, देवी लक्ष्मी धन और ऐश्वर्य की देवी है, और उनके प्रकट होने से संसार में दरिद्रता का नाश हो जाता है इसलिए इस दिन को दिवाली के रूप में मनाया जाने लगा और मां लक्ष्मी जी की पूजा की जाने लगी। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से दरिद्रता का नाश होता हैं और धन की कमी नहीं होती।
क्या आप जानते हैं दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा का गहरा रहस्य? पौराणिक कथा के अनुसार मां लक्ष्मी निसंतान होने के कारण बहुत दुखी होती है। माता पार्वती उन्हे इस प्रकार दुखी देखकर उनके इस दुख का कारण पूछती है तब माता लक्ष्मी कहती है की निसंतान होना ही उनके सबसे बड़े दुख का कारण है। मां लक्ष्मी को इस तरह दुखी होता देख देवी पार्वती ने गणेश जी को उनकी गोद में बिठा दिया। तब से भगवान गणेश माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र कहे जाने लगे। माता लक्ष्मी गणेश जी को दत्तक पुत्र के रूप में पाकर बहुत प्रसन्न हो जाती है। और उन्हें वरदान देती है कि जो भी मेरी पूजा के साथ तुम्हारी पूजा नहीं करेगा, लक्ष्मी उसके पास कभी नहीं रहेगी। इसलिए दिवाली पूजन में माता लक्ष्मी के साथ दत्तक पुत्र के रूप में भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
कुबेर जी की कहानी
शास्त्रों के अनुसार, माता लक्ष्मी के खजाने की देख रेख कुबेर जी करते है। वह धन भंडार के रखवाले है इसलिए आज के दिन कुबेर जी की भी पूजा की जाती है।
