कुरुक्षेत्र - भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र को ही महाभारत के युद्ध के लिए क्यों चुना?
जब श्री कृष्ण जी के युद्ध टालने के सारे उपाय समाप्त हो गए और युद्ध करना निश्चित हो गया तब युद्ध भूमि का चुनाव करने के लिए श्री कृष्ण जी से कहा गया किंतु भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना इसके पीछे दो कहानियां प्रचलित है, आइए जानते है -
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| कुरुक्षेत्र |
1. कुरुक्षेत्र एक तपोभूमि
पहली कहानी के हिसाब से ऐसा माना जाता है कुरुक्षेत्र एक ऐसी तपोभूमि थी जहां मृत्यु प्राप्त करने वाले व्यक्ति को स्वर्ग ही मिलता था कहा जाता है की बहुत वर्ष पूर्व एक कुरु नाम के एक राजा थे। उन्होंने इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए उस भूमि को बहुत वर्षों तक सींचा था। एक दिन इंद्र देव उनकी भक्ति से प्रसन्न हो जाते है और उन्हें दर्शन दे कर यह वरदान देते है की उस भूमि पर जो भी युद्ध करते हुए मारा जायेगा उसे स्वर्ग ही मिलेगा। इसलिए श्री कृष्ण ने उस भूमि को चुना था ताकि जो भी उस युद्ध में मारे जाए वह सभी पाप मुक्त हो सके और उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हो।2. कुरुक्षेत्र या धर्मक्षेत्र
कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र क्यों कहते है? इस कहानी के हिसाब से श्री कृष्ण जी को महाभारत के युद्ध के लिए एक ऐसी भूमि चाहिए थी जहा धर्म हावी हो, एक ऐसी भूमि जहा क्रोध और द्वेष पर्याप्त मात्रा में हो क्योंकि श्री कृष्ण जी को लगता था की अपनो को मारता हुआ देख कही पांडवो के मन में प्रेम भावना न जाग उठे और वे संधि न कर ले, इस लिए उन्होंने सैनिकों को चारो ओर जगह जगह भेज कर वहा की घटनाओं का पता लगाया तब उन्हे पता चला की उस भूमि पर दो भाई खेती करा करते थे। एक दिन अचानक से बहुत तेज बारिश पड़ने के कारण खेत की मेड़ टूट गई। बड़े भाई ने छोटे भाई से खेत में उस पानी को रोकने के लिए कहा, परंतु छोटे भाई ने साफ माना कर दिया। जिस वजह से बड़े भाई ने क्रोध में आकर छोटे भाई की जान ले ली और उसके शव को घसीट कर ले जाके उस मेड़ के पास लगा दिया और उससे पानी को रोक दिया तब श्री कृष्ण जी यह समझ गए की यह भूमि एक दूसरे के प्रति प्रेम उत्पन्न नही होने देगी इसीलिए उन्होंने महाभारत के युद्ध के लिए उस भूमि को चुना।
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धन्यवाद ! हम अगले लेख में एक ऐसी ही कहानी के साथ मिलेंगे। राधे राधे
Q :- दुर्योधन किसका अवतार था ?
Ans :- महाभारत युद्ध की सबसे बड़ी वजह दुर्योधन ही था। दुर्योधन को कलयुग का अंशावतार माना जाता है।
Q :- महाभारत में कुल कितने अध्याय है ?
Ans :- महाभारत सबसे लंबा ग्रंथ है जिसमे कुल 18 अध्याय है। अध्याय को पर्व भी कहा जाता है।
Q :- दुर्योधन किसका अवतार था ?
Ans :- महाभारत युद्ध की सबसे बड़ी वजह दुर्योधन ही था। दुर्योधन को कलयुग का अंशावतार माना जाता है।
Q :- महाभारत में कुल कितने अध्याय है ?
Ans :- महाभारत सबसे लंबा ग्रंथ है जिसमे कुल 18 अध्याय है। अध्याय को पर्व भी कहा जाता है।
Q :- कुरुक्षेत्र कहा है ?
Ans :- कुरुक्षेत्र हरियाणा में है।
Q. महाभारत के अंत में कौन से कौरव जिंदा बचे थे?
Ans :- इसका उत्तर आप सभी कमेंट करे।
